Newborn baby diet plan in hindi, नवजात शिशु के लिए आहार

Newborn baby diet plan in hindi | नवजात शिशु के लिए आहार

आज हम बात करेंगे नवजात शिशु के लिए आहार क्या दें और दूध कैसे पिलाये (Newborn baby diet plan in hindi)

आज के विषय

1) नवजात शिशु से लेकर ६ महीने तक के बच्चे  को क्या दूध देना चाहिए और कितना ।

2) कटोरी चम्मच से देना चाहिए तो कैसे देना चाहिए ।

3) किस प्रकार देना चाहिए हम इन बच्चों में बोत्तल प्रयोग कर सकते है या नहीं ।

4) मां के दूध के अलावा क्या दे सकते हैं बच्चे को 6 महीने तक

5) बच्चों  को घुट्टी देनी है या नहीं

6) बच्चे को डकार कैसे दिलाये

7) क्या बच्चा सही मात्रा में दूध पी रहा हैं ?

 

1) नवजात शिशु से लेकर ६ महीने तक के बच्चे  को क्या दूध देना चाहिए और कितना ।

      निश्चय ही जैसे ही हमारा बच्चा पैदा होता है,पैदा होते से ही अगर नार्मल डेलिवरी हुई है तो तुरंत से ही और अगर सीजेरियन डिलीवरी हुई है तो दो चार घंटे बाद से ही माँ का दूध दे सकते हैं।याद रखिये माँ का पहला दूध जो की गाढ़ा  पीला दूध जिसे क्लौस्ट्रम बोलते हैं वो देना अत्यंत आवश्यक हैं,इसमें कई तरह के एंटी बॉडीज,प्रोटीन्स काफी ज्यादा मात्रा में होते हैं । जो बच्चे की तुरंत की ग्रोथ के लिए और इम्युनिटी के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है ।

      इसके बाद से जैसे बच्चा पैदा हुआ है उसे हर दो दो घंटे में माँ के दूध की आवश्यकता होती है । अगर माँ के दूध में कोई परेशानी है नहीं आ पा रहा है तो उसको भी बढ़ाने के कई तरीके होते हैं, जैसे बच्चे को बार बार अपने स्तन से लगाएं । जिससे माँ में मिल्क उत्पादन बढ़ेगा लेकिन किन्ही कारणों से अगर माँ के दूध में कोई परेशानी है नहीं आ पा रहा है तो क्या कर सकते हैं, उसमें हमारे पास दो तीन ऑप्शन हैं ।जैसे कि हम लोग क्या सोचते हैं कि गाय का दूध दे देते हैं, लेकिन कई बार गाय के दूध से बच्चे को एलर्जी हो सकती हैं । लेकिन फिर भी अगर गाय का दूध देना भी पड़ रहा है तो उसे बहुत अच्छे से उबाला हुआ होना चाहिए ।

        दूसरा तरीका यह है कि हम मिल्क पाउडर यूज़ कर सकते हैं । मार्केट में बहुत सारे ब्रांड उपलब्ध हैं जो कि अपने आप में बहुत अच्छे हैं ।

2) कटोरी चम्मच कैसे तैयार करेंगे

          कटोरी चम्मच को कम से कम 20 मिनट तक उबलते हुए पानी में उबालना चाहिए, और एक बार इस्तेमाल के बाद दोबारा उबालने के लिए रखना चाहिए । चाहे तो आप कटोरी चम्मच के  दो से तीन  जोड़ें बना सकते हैं । धीरे-धीरे इस बीच में बच्चे को मां के दूध से भी लगाते रहे जिससे की मां में मिल्क प्रोडक्शन बड़े ।

3) बोतल प्रयोग करनी है या नहीं

           बोतल प्रयोग करने के लिए हम लोग मना करते हैं । लेकिन फिर भी अगर बोतल प्रयोग करनी पड़ रही है, तो बहुत विशेष ध्यान देने योग्य बात है स्वच्छता की,  इसलिए हम सभी को बोतल प्रयोग करने के लिए मना करते हैं क्योंकि स्वच्छता हमेशा नहीं रह पाती है ।और  बोतल और निप्पल से ही इन्फेक्शन फैलने का खतरा ज्यादा होता हैं क्यूंकि नवजात शिशु की इम्युनिटी आई नहीं है । जैसे ही बोतल और निप्पल खरीदते हैं उसे  बहुत अच्छे से उबालें 20 मिनट तक । जब पानी उबलना शुरू हो जाए उसके बाद 15 से 20 मिनट तक उसमें बोतल और निप्पल को  उबलने देना चाहिए या फिर आजकल मार्केट में बहुत सारे स्टेरिलीज़र (मशीन) भी उपलब्ध है । तरह तरह के ब्रांड्स  है इसमें कई   रेंज  के  स्टेरिलीज़र मिल जाएंगे यह लगभग ₹800 से लेकर ₹5000 तक मिल जाते हैं । आप अपने सामर्थ्य के अनुसार  खरीद सकते हैं । दोबारा बोतल को इस्तेमाल करने के लिए उसे फिर से उबालना होगा । 

  उबली हुई बोतल में आप ने दिए गए तरीके के अनुसार दूध बनाया और बच्चे को दिया अब जितना बच्चे ने दूध पिया वह सही है । अब जितना बच गया है उसे दोबारा प्रयोग नहीं करना है, उसे फेंक दे बच्चे का छोड़ा हुआ दूध दोबारा से 2  या तीन घंटे बाद इस्तेमाल नहीं करना है ।

4) मां के दूध के अलावा क्या दे सकते हैं बच्चे को 6 महीने तक

        मां के दूध के अलावा बच्चे को 6 महीने तक कुछ भी देने की आवश्यकता नहीं होती है । इस बात  को बहुत ध्यान से अपने मन में बैठा दीजिए कि छह महीने तक बच्चे के लिए सिर्फ मां का दूध ही काफी है । अगर आप देना  चाहते  हैं तो आप सिर्फ विटामिन डी की कुछ ड्रॉप दे सकते हैं, क्योंकि मां के दूध में विटामिन डी की मात्रा थोड़ी कम होती है । जो की बच्चे की हड्डियों की ग्रोथ के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक है । चाहे वह 9 महीने के बाद पैदा हुआ हो या स्वस्थ भी हो लेकिन विटामिन डी की ड्रॉप्स उसे देनी है । अगर बच्चा वक़्त से पहले हुआ हो या उसका वजन 2 किलो से कम है तो हमें उस बच्चे को कुछ और मल्टी विटामिंस और विटामिन डी कुछ ज्यादा समय तक देनी पड सकती है ।

याद रखिए जो 6 महीने तक का समय है उसमें बच्चे को पानी भी नहीं देना है मां का दूध दोनों काम करता है बच्चे की प्यास भी बुझाता है और बच्चे की भूख भी ।

      यह नेचर की  ही महिमा है मां का दूध जो शुरू में आता वह  काफी पतला होता है जो बच्चे की प्यास बुझाता है, जबकि बाद वाला दूध गाढ़ा होता है उसमें वसा की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चे की भूख तृप्त करता है । जो उसके स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए होता है ।तो इसलिए ध्यान रखें कि जब भी आप  बच्चे को  मां का  दूध पिला रहे हैं तो यह नहीं सोचना है कि फटाफट एक ब्रेस्ट से पिला दिया फिर दूसरे ब्रेस्ट से पिला दिया । पहले जब ब्रेस्ट फीड कराएं तो एक से जब बच्चा पूरा  तसल्ली से पीले कम से कम 10 से 15 मिनट  तभी हम उसे दूसरे ब्रेस्ट से लगाएं । या फिर अगर उसका एक  ब्रेस्ट से पेट भर गया है, तो अगली बार कोशिश करें कि उसे दूसरी ब्रेस्ट से लगाएं ।

5) बच्चों  को घुट्टी देनी है या नहीं

       बात आती है कि, हमें बच्चों को घुट्टी देनी है या नहीं पहले के जमाने में बहुत ज्यादा प्रचलन था बच्चों में घुट्टी देने का आजकल हम यह बताते हैं कि

मां का दूध ही बच्चे के लिए घुट्टी है, पानी है, खाना है सब कुछ मां का दूध है।मां के दूध का ही सेवन करें पहले 6 महीने तक । 

   6 महीने के बाद ही उसे घर की बनाई हुई जायफल बदाम या   इससे बनी  हुई घुट्टी दे सकते हैं ।

6) बच्चे को डकार कैसे दिलाये

        सबसे जरुरी बात बच्चे को दूध पिलाने के बाद उसे डकार दिलाना   बहुत ही जरूरी है, नहीं तो बच्चा दूध उलट देता है । और कंधे से लगाकर रखें जब तक बच्चे को डकार ना आ जाए, अगर बच्चे को तुरंत छोटी डकार आ जाए फिर भी  कोशिश करें कि 5 से 10 मिनट तक बच्चे को कंधे से लगा कर रखें । इसमें ध्यान रखें कि कंधे से लगाते वक्त भी बच्चे का पेट न दब रहा हो ।

         जब बच्चा मां का दूध पीता है, तो वह पीते-पीते या तो ज्यादा दूध पी लेता है या दूध  के साथ  सांस के द्वारा थोड़ी हवा भी पेट में चली जाती है, जैसे ही बच्चा वापस खड़ा होता है या ऊपर सिर करता है तो वह  हवा  ऊपर  आ जाती हैं । उसके साथ साथ दूध भी ऊपर आ जाता है, इसमें डरने की कोई बात नहीं है । बच्चे को कोई बीमारी नहीं है, बस इसके लिए आपको बच्चे को डकार अच्छे से दिलवाना है । इसके बावजूद अगर बच्चा  दिन में चार पांच बार दूध पलट रहा है तो एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें । हो सकता है यह नॉर्मल हो या बच्चे को  कोई परेशानी हो उसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें ।

7) क्या बच्चा सही मात्रा में दूध पी रहा हैं ?

        बच्चा दिन में छह से सात बार पेशाब करें और रात को तीन से चार बार पेशाब करें अगर बच्चा इतनी मात्रा में पेशाब कर रहा है, तो यह समझना है कि बच्चा सही मात्रा में दूध पी रहा हैं ।

और हर महीने बच्चे का वजन चेक करते रहे अगर बच्चे का वजन सही से बढ़ रहा है, 5 महीने में लगभग 2 गुना हो जा रहा है तो इसका मतलब दूध की मात्रा जो बच्चे तक पहुंच रही है वह पर्याप्त है और किसी की हमें जरूरत नहीं है ।

आज हमने नवजात शिशु के आहार के बारे में बहुत कुछ जाना चलिए फिर से महतवपूर्ण बातें दोहरा लेते हैं ।

  1. सबसे पहले मां का दूध आवश्यक है अगर नॉर्मल डिलीवरी है तो तुरंत और सिजेरियन से बच्चा हुआ है तो 2  से 4 घंटे  के बाद  मां के दूध का सेवन कराएं  या फिर मां के दूध के अलावा कुछ और देना पड़ रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें कि कौन सा दूध इस्तेमाल करना है ।
  2. कटोरी चम्मच से दूध पिला रहे हैं तो उसकी सफाई का बहुत ध्यान देना है । 20 मिनट तक उबालना है, कटोरी चम्मच का साइज थोड़ा छोटा रखें ।
  3. और अगर बोतल यूज़  कर रहे हैं तो उसे अच्छे से साफ करें ।
  4.  कितना दूध बच्चे को पीना चाहिए इसके बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले, हां मात्रा कितनी होनी चाहिए इससे नाप सकते हैं ।
  5. और बच्चे को डकार अच्छे से दिलाएं ।
  6. बच्चा दिन में छह से सात बार पेशाब करें और रात को तीन से चार बार पेशाब करें।

 

धन्यवाद अगर आपको ये जानकारी ज्ञानवर्धक लगी तो शेयर करें ।

 

  नवजात शिशु के लिए आहार पर  कृपया वीडियो जरूर देखें

https://youtu.be/hhsdFrW1fC4

 

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